कवर्धा:- कबीरधाम जिले के ग्राम पंचायत खैरझिटी कला में पंचायत प्रशासन को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। गांव के कई किसानों और ग्रामीणों ने कलेक्टर को विस्तृत शिकायत सौंपते हुए सरपंच **पवन चंद्रौल**, उपसरपंच, कुछ पंचों एवं उनके सहयोगियों पर सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जा, पंचायत कार्यों में अनियमितता, मनरेगा में फर्जीवाड़ा, पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग और ग्रामीणों को प्रताड़ित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।


शिकायत में कहा गया है कि पंचायत की शासकीय भूमि और चरनोई भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर दुकान, मकान और अन्य निर्माण करा दिए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध करने वालों को धमकाया जाता है और “जो करना है कर लो” जैसी बातें कहकर चुप कराने की कोशिश की जाती है।
ग्रामीणों ने पंचायत में कराए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सीसी सड़क, भवन और अन्य निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं हैं। वहीं, सड़क क्षतिग्रस्त होने पर किसानों और आम नागरिकों पर शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाकर पुलिस कार्रवाई का भय दिखाया जाता है।
शिकायत में मनरेगा योजना में भी बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का दावा है कि फर्जी हाजिरी भरकर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है और इसमें पंचायत से जुड़े लोगों की भूमिका है।
इसके अलावा शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि गांव के आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को सरपंच का संरक्षण प्राप्त है। सामाजिक मामलों में हस्तक्षेप कर गांव का माहौल बिगाड़ने, मारपीट की घटनाओं और शिकायतकर्ताओं पर समझौते का दबाव बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार इन मामलों में सरपंच एवं उनके सहयोगियों के खिलाफ पहले से दो एफआईआर दर्ज हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि किसानों की समस्याओं से जुड़े आवेदन पंचायत में स्वीकार नहीं किए जाते और चुनाव के दौरान मतदाताओं पर एक पक्ष विशेष के समर्थन में मतदान करने का दबाव बनाया जाता है।
निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पंचायत में विवाद और बढ़ सकता है।







