कवर्धा (कबीरधाम):-जिला मुख्यालय के पीजी कॉलेज ग्राउंड कवर्धा में 27 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित होने वाले स्वदेशी मेला का आगाज़ तो बड़े जोर-शोर से हुआ, लेकिन पहला दिन अपेक्षाकृत फीका साबित हुआ। उद्घाटन समारोह में मंत्रियों और अतिथियों का बाजे-गाजे के साथ भव्य स्वागत किया गया, परंतु आम जनता की उपस्थिति बेहद कम देखने को मिली।
मेला परिसर में जहां दुकानदारों ने अपने-अपने स्टॉल सजाए थे, वहीं ग्राहकों की कमी के कारण पहले दिन व्यापार ठंडा रहा। स्थानीय लोगों में मेले को लेकर खास उत्साह नजर नहीं आया, जिससे आयोजन की सफलता पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
पत्रकारों की अनदेखी पर नाराजगी
इस पूरे आयोजन में सबसे बड़ा मुद्दा पत्रकारों की उपेक्षा को लेकर सामने आया। देश के चौथे स्तंभ माने जाने वाले पत्रकारों को न तो कोई औपचारिक आमंत्रण दिया गया और न ही उनके बैठने या कवरेज के लिए उचित व्यवस्था की गई। इस बात को लेकर मीडिया जगत में नाराजगी देखी जा रही है और यह मुद्दा अब जिला मुख्यालय में चर्चा का विषय बन चुका है।
व्यवस्था पर उठे सवाल
मेला आयोजन में व्यवस्थाओं की कमी भी साफ नजर आई। पार्किंग, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन जैसे पहलुओं पर प्रशासन की तैयारी अधूरी दिखाई दी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में भी मेले में भीड़ जुटना मुश्किल हो सकता है।
आयोजकों के लिए चुनौती
स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगाए गए इस मेले से प्रशासन और आयोजकों को काफी उम्मीदें थीं। लेकिन पहले दिन की स्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रचार-प्रसार और व्यवस्थाओं में सुधार की सख्त जरूरत है।
अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में आयोजक और प्रशासन इस मेले को सफल बनाने के लिए क्या कदम उठाते हैं, या फिर यह आयोजन यूं ही फीका बना रहता है।


























































































































