गौरेला-पेंड्रा-मरवाही(प्रमोद सोनवानी):- मरवाही क्षेत्र के धरहर गांव में शनिवार को श्री गणेश प्रतिमा का विसर्जन समारोह भक्तिमय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। गणेश उत्सव के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना, हवन एवं यज्ञ कर भगवान श्री गणेश को भावभीनी विदाई दी। विसर्जन यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए।


विसर्जन से पूर्व गणेश पंडाल में विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश का पूजन कर सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इसके बाद गाजे-बाजे और भक्ति गीतों के साथ गणेश प्रतिमा की भव्य झांकी निकाली गई। जैसे ही विसर्जन यात्रा गांव की गलियों और मोहल्लों से होकर आगे बढ़ी, पूरा वातावरण **‘गणपति बप्पा मोरया’ और ‘सिद्धिविनायक की जय’** के जयकारों से गूंज उठा।
विसर्जन यात्रा में महिलाएं और बच्चे विशेष उत्साह के साथ शामिल हुए। श्रद्धालु भक्ति गीतों की धुन पर नाचते-गाते हुए आगे बढ़ रहे थे। कई स्थानों पर ग्रामीणों ने अपने घरों से बाहर निकलकर गणपति की आरती उतारी और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर गणेश उत्सव की खुशियां साझा कीं।
भावुक हुआ विसर्जन का क्षण
गणेश प्रतिमा को विसर्जन स्थल की ओर ले जाते समय श्रद्धालुओं में उत्साह के साथ भावुकता भी नजर आई। कई भक्तों ने भगवान गणेश से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना की। विसर्जन के अंतिम क्षणों में श्रद्धालुओं ने आरती कर भगवान श्री गणेश को विदाई दी और **‘अगले बरस तू जल्दी आ’** के जयकारों के साथ गणपति बप्पा से पुनः आगमन का निमंत्रण दिया।
पूरे आयोजन के दौरान गांव में धार्मिक एवं उत्सव का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने गणेश उत्सव के माध्यम से आपसी भाईचारे, सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का संदेश दिया। उत्सव के सफल आयोजन एवं शांतिपूर्ण विसर्जन के बाद ग्रामीणों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।

























































































































