कवर्धा:- जिले में अवैध प्लॉटिंग के बाद अब अवैध मुरूम खनन का मामला भी लगातार सामने आ रहा है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में धड़ल्ले से मुरूम की खुदाई किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

जानकारी के अनुसार कवर्धा शहर में पहले से ही अवैध प्लॉटिंग का खेल जारी था, लेकिन अब इसके साथ-साथ अवैध मुरूम खनन का मामला भी तेजी से बढ़ने लगा है। आरोप है कि कई स्थानों पर बिना अनुमति के मुरूम की खुदाई कर ट्रैक्टर और डंपरों के माध्यम से उसका परिवहन किया जा रहा है। इससे शासन को राजस्व की हानि होने के साथ-साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है।

स्थानीय जन सेवक कमलकांत सिन्हा ने आरोप लगाया है कि इस मामले की जानकारी कई बार खनिज विभाग को दी जा चुकी है। हमारी टीम द्वारा भी कई बार मौके की स्थिति से विभाग को अवगत कराया गया। यहां तक कि विभाग के मोबाइल नंबर 99772 40742 पर भी अवैध खनन की सूचना दी गई, लेकिन इसके बावजूद किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने बताया कि जब भी विभाग से संपर्क किया जाता है तो कभी “बड़े अधिकारी मौजूद नहीं हैं” कहकर टाल दिया जाता है, तो कभी “लिखित शिकायत दीजिए” का हवाला देकर कार्रवाई से बचने की कोशिश की जाती है। ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए जिम्मेदार विभाग आखिरकार क्यों मौन बना हुआ है।
जन सेवक कमलकांत सिन्हा ने कहा कि यदि जल्द ही इस मामले में कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो अवैध खनन का यह कारोबार और अधिक बढ़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अवैध मुरूम खनन में शामिल लोगों के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शासन को हो रहे राजस्व नुकसान पर रोक लग सके और पर्यावरण की भी रक्षा हो सके।
अब देखना यह होगा कि लगातार उठ रहे सवालों के बाद प्रशासन और खनिज विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है







