भवानीपुर, (संवाददाता) मुकेश झा:-विकास खण्ड पलारी अंतर्गत भवानीपुर में अखंड ब्राह्मण सेवा समिति पलारी के तत्वावधान में गायत्री मंदिर परिसर में भगवान परशुराम जयंती का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के ब्राह्मण समाज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान परशुराम जी की विधिवत पूजा-अर्चना से हुआ। पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच समाज एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई। श्रद्धालुओं ने परिवार सहित पूजा में भाग लेकर धार्मिक वातावरण को और अधिक पवित्र बना दिया।
पूजन के पश्चात आयोजित कथा में पंडित जी ने भगवान परशुराम के जीवन प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम का जन्म भृगु वंश में हुआ था और उनका बाल्यकालीन नाम रामभद्र था। भगवान शिव की कठोर तपस्या के उपरांत उन्हें ‘परशु’ अस्त्र प्राप्त हुआ, जिसके कारण वे परशुराम कहलाए।
कथा के दौरान उनके जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि पिता जमदग्नि की हत्या का बदला लेने के लिए उन्होंने अत्याचारी क्षत्रिय राजाओं का 21 बार संहार किया। पितृ आज्ञा के पालन में उन्होंने अपनी माता रेणुका एवं भाइयों का वध किया, किंतु बाद में उन्हें पुनर्जीवित करने का वरदान भी प्राप्त किया। साथ ही गणेश जी के साथ हुए युद्ध का उल्लेख करते हुए बताया गया कि इसी प्रसंग के कारण गणेश जी ‘एकदंत’ कहलाए। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान परशुराम को आठ चिरंजीवियों में से एक माना जाता है, जो आज भी पृथ्वी पर विद्यमान हैं।
पूजन एवं कथा के उपरांत भंडारा प्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में बुजुर्गों, महिलाओं एवं बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।
इस अवसर पर समाज अध्यक्ष उमाशंकर मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा, अनिरुद्ध मिश्रा, महिला समाज प्रकोष्ठ की यशप्रभा पांडे, शीला शुक्ला, फाल्गुनी मिश्रा, रोशनी शर्मा, रश्मि मिश्रा, गजेईश्वरी देवी, श्वेता पांडे, प्रगति तिवारी, सुनिता तिवारी, प्रीति झा, स्वाति त्रिपाठी, विभा तिवारी, नबिना झा, सपना तिवारी, दीक्षा शर्मा, कंचन शर्मा, नीलकमल शर्मा, ज्योति मिश्रा, कीर्ति मिश्रा सहित राहुल पांडे, ऋषभ चौबे, सत्यनारायण शर्मा, विनय शर्मा, राकेश त्रिपाठी, किशनधर दीवान, सुमित तिवारी, रोशन चौबे, यशवंत तिवारी, राजेश शर्मा, कैलाश तिवारी, श्रवण तिवारी, लक्ष्मी नारायण तिवारी, दीपक तिवारी, शिवम मिश्रा, मुकेश झा, तोषण प्रसाद चौबे, धीरज मिश्रा सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने सामाजिक एकता, धार्मिक आस्था एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का सशक्त संदेश दिया।







