कबीरधाम:- जिले में कमला हॉस्पिटल के पास कथित तौर पर खुले में फेंके जा रहे वेस्टेज मटेरियल को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। गौ सेवक ज्ञान साहू और उनके साथियों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल से निकलने वाले वेस्टेज मटेरियल, पॉलिथीन और नशीली दवाइयों जैसी दिखाई देने वाली शीशियों को खाने के कारण एक गाय की मौत हुई है। इस घटना के बाद गौ सेवकों ने अस्पताल प्रबंधन के साथ-साथ नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, कमला हॉस्पिटल के सामने एक गौठान स्थित है। यहां से एक गाय घूमते हुए कमला हॉस्पिटल की ओर पहुंच गई। अस्पताल के बगल में स्थित एक खुले प्लॉट में कथित तौर पर पॉलिथीन, वेस्टेज मटेरियल और दवाइयों जैसी शीशियां फेंकी गई थीं। बताया जा रहा है कि गाय ने इन चीजों को चारा समझकर खाने का प्रयास किया और इसी दौरान वह वहां मौजूद दलदल में फंस गई।
गौ सेवकों ने किया गाय का रेस्क्यू
गाय के दलदल में फंसने की जानकारी मिलने पर गौ सेवक ज्ञान साहू अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने काफी मशक्कत के बाद बस के बाली की सहायता से गाय को दलदल से बाहर निकाला। इसके बाद गाय को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया, ताकि उसकी जान बचाई जा सके।
गौ सेवकों के अनुसार, उस समय गाय को सुरक्षित निकाल लिया गया था। लेकिन अगले दिन सुबह करीब 9 से 10 बजे के बीच जब वे दोबारा मौके पर पहुंचे, तो कमला हॉस्पिटल के पास जिस स्थान पर वेस्टेज मटेरियल फेंका गया था, वहीं गाय का शव मृत अवस्था में पड़ा मिला।
वेस्टेज मटेरियल खाने से मौत होने की आशंका
गौ सेवक ज्ञान साहू और उनके साथियों का आरोप है कि कमला हॉस्पिटल से निकलने वाले वेस्टेज मटेरियल को खाने के कारण गाय की मौत हुई है। उनका कहना है कि अस्पताल के आसपास खुले में पॉलिथीन, मेडिकल वेस्टेज और दवाइयों जैसी शीशियों का फेंका जाना बेजुबान पशुओं के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
हालांकि, गाय की मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम अथवा संबंधित पशु चिकित्सा जांच के बाद ही हो सकेगी। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि मौके पर मिला कचरा किस प्रकार का था और उसे किसके द्वारा वहां फेंका गया था।
नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल
इस घटना को लेकर गौ सेवक ज्ञान साहू ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि शहर में आवारा पशुओं की सुरक्षा और खुले में कचरा फेंकने की समस्या पर जिम्मेदार विभागों को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अस्पतालों और अन्य संस्थानों के आसपास इस तरह खुले में कचरा फेंका जाता रहेगा, तो बेजुबान पशुओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? आखिर खुले प्लॉट में इस तरह के वेस्टेज मटेरियल को फेंकने की अनुमति किसने दी और इसकी निगरानी की जिम्मेदारी किसकी है?
जांच और कार्रवाई की उठी मांग
इस घटना के बाद क्षेत्र में अस्पतालों से निकलने वाले कचरे के उचित निपटान और आवारा पशुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। गौ सेवकों ने मामले की जांच कराए जाने और जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
अब देखने वाली बात होगी कि संबंधित प्रशासन, नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और खुले में फेंके जा रहे कचरे के निस्तारण को लेकर क्या कदम उठाते हैं।

























































































































