कवर्धा:- कबीरधाम जिले में बैगा आदिवासी समाज अपनी वर्षों पुरानी भूमि संबंधी समस्याओं को लेकर अब आर-पार की लड़ाई लड़ने की तैयारी में है। छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद (शाखा कबीरधाम) के नेतृत्व में 09 जुलाई 2026 से जिला कलेक्टर कार्यालय के मुख्य गेट के समीप बैगा समाज द्वारा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। संगठन का कहना है कि प्रशासन को कई बार ज्ञापन और आवेदन देने के बावजूद आज तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते समाज को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।



परिषद के जिलाध्यक्ष कामू बैगा ने बताया कि कबीरधाम जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बैगा आदिवासियों की भूमि से जुड़े अनेक मामले वर्षों से लंबित हैं। कई परिवारों को अपनी पुश्तैनी जमीनों से बेदखली का सामना करना पड़ रहा है, जबकि अनेक पात्र हितग्राहियों को अब तक वनाधिकार कानून के तहत पट्टे नहीं मिल सके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर लगातार ध्यानाकर्षण कराने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे समाज में गहरा असंतोष और आक्रोश व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि बैगा समाज अपनी संवैधानिक और कानूनी मांगों को लेकर पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा। धरना स्थल पर समाज के लोग अपनी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखेंगे और तब तक आंदोलन जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।
ये हैं आंदोलन की प्रमुख मांगें
बैगा समाज ने प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। इनमें आदिवासियों को उनकी जमीनों से अवैध रूप से बेदखल किए जाने की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने, लंबित वनाधिकार पट्टों का शीघ्र एवं पारदर्शी वितरण करने तथा भूमि संबंधी विवादों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष शिविर आयोजित करने की मांग प्रमुख है। समाज का कहना है कि यदि इन मुद्दों पर समय रहते समाधान नहीं किया गया तो आदिवासियों की समस्याएं और गंभीर होती जाएंगी।
प्रशासन को दी गई आंदोलन की सूचना
संगठन ने बताया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और कानून व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए धरना-प्रदर्शन की लिखित सूचना पहले ही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कवर्धा, पुलिस अधीक्षक कबीरधाम तथा थाना प्रभारी कोतवाली को सौंप दी गई है। प्रशासन से भी अपेक्षा की गई है कि आंदोलन के दौरान आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
समाज से आंदोलन में शामिल होने की अपील
बैगा समाज ने जिले के सभी बैगा परिवारों एवं अन्य आदिवासी समुदायों से इस आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। संगठन का कहना है कि यह केवल जमीन का नहीं, बल्कि आदिवासियों के अधिकार, सम्मान और अस्तित्व का सवाल है। इसलिए समाज की एकजुटता ही इस आंदोलन को सफल बना सकती है।
जिलाध्यक्ष कामू बैगा ने स्पष्ट किया कि जब तक बैगा आदिवासियों की भूमि संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होता और प्रशासन ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक कलेक्टर कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। यह आंदोलन बैगा समाज के अधिकारों की रक्षा और न्याय की मांग को लेकर किया जा रहा है।


























































































































