पंडरिया:-एक महिला सांसद की आवाज़ को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में नया विवाद खड़ा कर दिया है। पंडरिया विधायक भावना बोहरा के करीबी बताए जाने वाले एक जिला पंचायत सदस्य की फेसबुक पोस्ट को लेकर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे महिलाओं के सम्मान के विरुद्ध बताया है।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी भी महिला जनप्रतिनिधि के व्यक्तित्व या आवाज़ को लेकर अपमानजनक अथवा असम्मानजनक टिप्पणी करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं माना जा सकता। उनका आरोप है कि संबंधित फेसबुक पोस्ट में महिला सांसद की आवाज़ को “मर्दों वाली” कहकर संबोधित किया गया, जो महिलाओं के प्रति असंवेदनशील और आपत्तिजनक सोच को दर्शाता है।
इस मामले को लेकर विधायक भावना बोहरा से भी सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की गई है। विपक्ष का कहना है कि यदि संबंधित जिला पंचायत सदस्य वास्तव में विधायक के करीबी हैं, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि क्या उनकी टिप्पणी केवल व्यक्तिगत विचार है या विधायक स्वयं ऐसी भाषा और मानसिकता से असहमति रखती हैं।
विपक्ष ने यह सवाल भी उठाया है कि क्या महिलाओं के प्रति सम्मान का यही दृष्टिकोण उनकी अपनी पार्टी और सहयोगियों का भी है। उनका कहना है कि सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों पर सभी जनप्रतिनिधियों को स्पष्ट और जिम्मेदार रुख अपनाना चाहिए।
फिलहाल इस पूरे मामले पर विधायक भावना बोहरा अथवा संबंधित जिला पंचायत सदस्य की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनके बयान के बाद ही इस विवाद पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल में इस प्रकार के बयान और उन पर उठने वाले विवाद राजनीतिक बहस को और तेज़ कर सकते हैं। वहीं, महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान और सार्वजनिक संवाद की मर्यादा बनाए रखने की आवश्यकता पर भी व्यापक चर्चा हो रही है।
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