कबीरधाम:- किसानों को समय पर, पर्याप्त मात्रा में एवं निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।


इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए भारतीय किसान संघ द्वारा किसानों की समस्याओं को लेकर उठाई गई मांग पर विधायक भावना बोहरा के निर्देशानुसार कबीरधाम जिले में खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अनियमितताओं के विरुद्ध प्रशासन द्वारा सघन जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत परसवारा एवं पांडातराई क्षेत्र की खाद दुकानों में अचानक छापेमार कार्रवाई की गई, जिससे क्षेत्र के खाद विक्रेताओं में हड़कंप मच गया।
जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा दुकानों के स्टॉक रजिस्टर, विक्रय अभिलेख, उपलब्ध खाद की मात्रा एवं वितरण व्यवस्था की गहन जांच की गई। निरीक्षण के दौरान एक दुकान में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर प्रशासन ने बिना किसी देरी के दुकान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। साथ ही संबंधित प्रकरण में नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसानों को कृत्रिम संकट में डालकर कालाबाजारी या जमाखोरी के माध्यम से आर्थिक शोषण करने वाले तत्वों के विरुद्ध प्रशासन पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई करेगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की मंशा प्रत्येक किसान तक उचित मूल्य पर पर्याप्त खाद पहुंचाने की है और इस व्यवस्था को बाधित करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के सभी खाद विक्रेताओं की नियमित निगरानी की जाए तथा कहीं भी शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही किसानों को खाद वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी एवं सुचारु रूप से संचालित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं खाद की कालाबाजारी, निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूली, जमाखोरी अथवा कृत्रिम कमी जैसी कोई भी जानकारी प्राप्त होती है, तो वे बिना किसी संकोच के तत्काल संबंधित कृषि विभाग अथवा प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करें।
प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर त्वरित जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
किसानों के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार की जांच एवं छापेमार कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। शासन-प्रशासन किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


























































































































