कवर्धा:- सहकारिता विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय कृषक संगोष्ठी के आमंत्रण कार्ड में एक बार फिर कवर्धा जनपद अध्यक्ष सुषमा गणपत बघेल का नाम विशिष्ट अतिथियों की सूची से गायब होने पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
सुषमा गणपत बघेल ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है, बल्कि लगातार उनके नाम की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर यह **बार-बार होने वाली गलती है या फिर जानबूझकर की जा रही उपेक्षा?**
उन्होंने कहा कि यदि यह प्रशासनिक चूक है तो यह गंभीर लापरवाही है, और यदि जानबूझकर किया जा रहा है तो यह जनप्रतिनिधि के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला मामला है। उन्होंने सहकारिता विभाग और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली की कड़ी निंदा करते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की।
6 जुलाई को होना है बड़ा कार्यक्रम
भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के स्थापना के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 29 जून से 6 जुलाई तक मनाए जा रहे **सहकारिता सप्ताह** के समापन अवसर पर 6 जुलाई को कवर्धा के शासकीय पी.जी. कॉलेज ग्राउंड में जिला स्तरीय कृषक संगोष्ठी आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि, सांसद संतोष पाण्डेय अध्यक्षता करेंगे। इसके अलावा विधायक भावना बोहरा, कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू सहित कई जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।
अब उठ रहे बड़े सवाल
क्या जनपद अध्यक्ष की लगातार हो रही अनदेखी महज संयोग है?
क्या सहकारिता विभाग से बार-बार एक जैसी गलती हो रही है?
या फिर इसके पीछे कोई राजनीतिक कारण है?
फिलहाल इस मामले ने जिले की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और विपक्ष सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजर बनी हुई है।


























































































































