कवर्धा (कबीरधाम):- कवर्धा जिले के कुकदूर वन क्षेत्र से वन विभाग की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक घायल बायसन (गौर) को प्राथमिक उपचार के बाद उसके हाल पर छोड़ दिया गया, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। जानकारी के अनुसार, शिकारियों द्वारा मारे गए तीर से घायल यह बायसन अब भी जंगल में तड़पते हुए इधर-उधर भटक रहा है।
बताया जा रहा है कि वन विभाग की टीम ने बायसन के शरीर से तीर तो निकाल लिया, लेकिन उसके बाद उचित इलाज और निगरानी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। घायल पशु के घाव में संक्रमण तेजी से फैल गया है और स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि घाव में कीड़े पड़ चुके हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बायसन कई दिनों से कमजोर हालत में जंगल और आसपास के क्षेत्रों में नजर आ रहा है। वह न तो ठीक से चल पा रहा है और न ही भोजन कर पा रहा है। ऐसे में उसकी जान पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के मामलों में केवल तीर निकाल देना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि लगातार चिकित्सा देखरेख, एंटीबायोटिक उपचार और सुरक्षित निगरानी जरूरी होती है। समय पर इलाज न मिलने से संक्रमण जानलेवा साबित हो सकता है।
इस घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर सरकार वन्यजीव संरक्षण के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर लापरवाही से बेजुबान जानवरों की जान जोखिम में पड़ रही है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि वन विभाग तुरंत कार्रवाई करते हुए घायल बायसन का समुचित इलाज सुनिश्चित करे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
फिलहाल, बायसन की हालत चिंताजनक बनी हुई है और यदि जल्द उचित उपचार नहीं मिला, तो उसकी
जान जा सकती है।







