कवर्धा:-संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती के पावन अवसर पर कवर्धा में सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की एक प्रेरणादायी तस्वीर देखने को मिली। इस अवसर पर कवर्धा के सिख समाज द्वारा अहिरवार समाज के रविदास मंदिर पहुंचकर श्रद्धा भाव से गुरु रविदास जी को नमन किया गया तथा श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पावन गुरुवाणी का मधुर गायन किया गया।

सिख समाज के इस कदम ने यह संदेश दिया कि संतों की वाणी और विचार किसी एक समाज तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे संपूर्ण मानवता के लिए मार्गदर्शक होते हैं। गुरुवाणी के गायन के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर नजर आए।
उल्लेखनीय है कि सिख धर्म में श्री गुरु ग्रंथ साहिब को गुरु का दर्जा प्राप्त है। दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के आदेशानुसार सिख समाज श्री गुरु ग्रंथ साहिब को अपना शाश्वत गुरु मानता है। इस पवित्र ग्रंथ में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के अनेक पद और भजन संकलित हैं। इसी कारण सिख समाज हर वर्ष गुरु रविदास जी की जयंती को पूरे श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाता आ रहा है।
कार्यक्रम के दौरान सिख समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि संत रविदास जी ने समानता, प्रेम और मानव एकता का संदेश दिया, जो आज के समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने समाज में फैली ऊंच-नीच और भेदभाव की भावना को समाप्त करने का मार्ग दिखाया।
इस अवसर पर सिख समाज से जसविंदर बग्गा, जोगेंद्र सिंह सलूजा, नरेंद्र सिंह सलूजा, इंदरजीत सिंह छाबड़ा, भजनजीत खुराना, भूपिंदर सिंह चावला, नरेंद्र सिंह बग्गा सहित खालसा सेवा दल के युवा उपस्थित रहे। वहीं अहिरवार समाज से शोकी अहिरवार, दल्ली चंद, योगेश चोरिया, सूरज कोरी, सूर्यकांत महोबिया, अरुण चौरिया, नंदू राडेकर, दीपक लांझी सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन आपसी सौहार्द, भाईचारे और सामाजिक एकता के संदेश के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने ऐसे आयोजनों को समाज को जोड़ने वाला बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों की आवश्यकता पर जोर दिया।







