कवर्धा:- में सरकारी स्कूलों की फीस बढ़ाने का फैसला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और जनविरोधी है। एक तरफ प्रदेश की भाजपा सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का काम कर रही है।

एनएसयूआई जिला महासचिव अमन वर्मा ने कहा कि सरकारी स्कूल उन परिवारों की आखिरी उम्मीद होते हैं जो निजी स्कूलों की महंगी फीस नहीं भर सकते। ऐसे समय में फीस वृद्धि का निर्णय छात्रों और अभिभावकों के साथ सीधा अन्याय है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा को सेवा नहीं बल्कि व्यापार बनाने में लगी हुई है। पहले ही महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट से जूझ रहे अभिभावकों पर अब स्कूल फीस बढ़ाकर नया बोझ थोपा जा रहा है।
अमन वर्मा ने सरकार से मांग की है कि इस फैसले को तत्काल वापस लिया जाए, अन्यथा एनएसयूआई छात्र-हित और जनहित में सड़क से लेकर आंदोलन तक संघर्ष करेगी।







