बिलासपुर:- बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे सहित छत्तीसगढ़ के अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रकों एवं अन्य भारी वाहनों की आवाजाही दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। लेकिन इन वाहनों में सुरक्षा से जुड़ी बुनियादी व्यवस्थाओं का घोर अभाव देखा जा रहा है। अधिकतर ट्रकों में दाईं या बाईं ओर मुड़ने के लिए इंडिकेटर काम नहीं करते या फिर होते ही नहीं हैं। साथ ही, रात के समय दृश्यता बढ़ाने के लिए आवश्यक रेडियम पट्टियाँ भी इन वाहनों में अनुपस्थित होती हैं।
इस लापरवाही के चलते हाईवे पर आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। कई मामलों में तो अन्य वाहन चालक भारी वाहनों की दिशा का अंदाजा नहीं लगा पाते और भ्रमवश टकरा जाते हैं, जिससे गंभीर हादसे होते हैं और कई बार लोगों की जान तक चली जाती है। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस व आरटीओ विभाग की ओर से इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
नियमित जांच अभियान की आवश्यकता
यातायात विशेषज्ञों और जागरूक नागरिकों की मांग है कि ट्रैफिक पुलिस एवं परिवहन विभाग को मिलकर इस दिशा में सख्ती बरतनी चाहिए। सभी भारी वाहनों की नियमित जांच की जानी चाहिए और जिन वाहनों में इंडिकेटर या रेडियम पट्टी न हो, उन पर भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए। साथ ही ऐसे लापरवाह चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द किए जाने चाहिए।
सुरक्षा के प्रति गंभीर हो शासन
सड़क सुरक्षा से संबंधित इन गंभीर खामियों पर शासन-प्रशासन को तत्काल ध्यान देना चाहिए। प्रदेशभर के नेशनल हाईवेज़ पर विशेष अभियान चलाकर सभी भारी वाहनों में इंडिकेटर व रेडियम पट्टी सुनिश्चित कराई जानी चाहिए, ताकि हादसों को रोका जा सके और सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके।







