मुकेश झा, भवानीपुर:- ग्राम जुनवानी में इन दिनों भक्तिमय वातावरण देखने को मिल रहा है, जहाँ पार्वती बाई निषाद के द्वारा श्रीमद् भागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन किया गया है। इस धार्मिक आयोजन में कथा वाचन का दायित्व कथा वाचक पंडित संतोष तिवारी (ग्राम टेकरी, रायपुर) द्वारा निभाया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत कथा का रसपान करा रहे हैं।

कथा के दौरान पंडित संतोष तिवारी ने सनातन धर्म के मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सनातन परंपराओं का पालन करना चाहिए। उन्होंने गौ माता की रक्षा, अच्छे संस्कारों के संवर्धन और बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बचपन से मिले संस्कार ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और सफल जीवन की नींव रखते हैं।
कथा प्रसंग में पंडित तिवारी ने भगवान विष्णु के पंचम अवतार—वामन अवतार की भावपूर्ण व्याख्या की। उन्होंने बताया कि सतयुग में दैत्यराज बलि ने अपनी तपस्या और बल से देवताओं को पराजित कर इंद्रलोक पर अधिकार कर लिया था। देवताओं के कष्ट दूर करने के लिए देवमाता अदिति की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने वामन के रूप में अवतार लिया।
कथा अनुसार, जब दैत्यराज बलि नर्मदा तट पर यज्ञ कर रहे थे, तब भगवान वामन एक तेजस्वी ब्राह्मण बालक के रूप में वहाँ पहुँचे। बलि ने उनका आदर-सत्कार कर दान मांगने को कहा। वामन ने मात्र तीन पग भूमि की याचना की। दैत्यगुरु शुक्राचार्य के सावधान करने के बावजूद दानवीर बलि अपने वचन से पीछे नहीं हटे। इसके पश्चात वामन ने विराट रूप धारण कर पहले पग में पृथ्वी, दूसरे पग में स्वर्ग व अंतरिक्ष नाप लिया। तीसरे पग के लिए स्थान न बचने पर बलि ने अपना सिर आगे कर दिया। भगवान विष्णु ने बलि की भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें **पाताल लोक का स्वामी** बनाया।
इस अवसर पर **विश्राम निषाद, मनाराम निषाद, करन निषाद, नेमचंद पटेल, धनसाय निषाद, फागुराम निषाद, रूपसिंह निषाद, जीवन निषाद, ओमकार तिवारी, बलदाऊ पाण्डेय, जानकी निषाद, वर्षा निषाद, लक्ष्मी निषाद, कुलेश्वरी निषाद, सेवती निषाद, किरन पटेल, रानू तिवारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
ग्राम जुनवानी में आयोजित यह श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ क्षेत्र में धार्मिक आस्था, संस्कार और सामाजिक एकता का संदेश दे रहा है।







