कबीरधाम (kawardha ):-सावन के प्रथम सोमवार को आयोजित भव्य भोरमदेव पदयात्रा में उस समय श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला, जब बाल शिव का स्वरूप धारण किए एक बालक, भक्तों के कंधों पर सवार होकर बूढ़ा महादेव मंदिर से भोरमदेव शिवालय तक पहुँचे। यह दृश्य मानो साक्षात भोलेनाथ के प्रकट रूप को साक्षात्कार करवा गया।
पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने बाल शिव का भावपूर्ण स्वागत किया। कोई उनके चरणों में झुक गया, तो कोई उन्हें कंधे से उतार फलाहारी और प्रसाद अर्पित करने लगा। श्रद्धालुओं ने बाल शिव को मिठाई खिलाई, फल चढ़ाए और भक्ति भाव से उन्हें नमन किया। बालक के मुख पर दिव्य तेज, शांत मुद्रा और गहरी भक्ति की आभा थी, जिसने हर दर्शक को भीतर तक छू लिया।
रास्ता भक्ति-भाव से सराबोर रहा—हर कदम पर “हर हर महादेव”, “बम-बम भोले” के जयकारों से गगन गूंज उठा। महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग – सभी ने बाल शिव की आरती उतारी और उन्हें साक्षात शिव मानकर पूजन-अर्चन किया।
इस पावन अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने भी बाल शिव के समक्ष श्रद्धा से नतमस्तक होकर पूजा अर्चना की। जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा, “भक्ति और बाल शिव का यह जीवंत संगम लोगों को शिवत्व की अनुभूति कराता है – यह केवल यात्रा नहीं, आत्मिक जागरण की प्रेरणा है।”
भक्ति, संस्कृति और परंपरा के त्रिवेणी संगम में डूबा यह आयोजन न केवल अद्वितीय रहा, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए भी एक प्रेरक उदाहरण बन गया।
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