कवर्धा:- शहर और आसपास के इलाकों में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बीते शनिवार को शहर में दो अलग-अलग जगहों पर हुए दर्दनाक सड़क हादसों में कुल पाँच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घटनाओं में तेज रफ्तार वाहनों की टक्कर मुख्य कारण बताई जा रही है।

पहली दुर्घटना: जोराताल में मारुति वैन ने बाइक सवार तीन भाइयों को रौंदा
सीटी कोतवाली थाना क्षेत्र के नेवारी मार्ग स्थित जोराताल गाँव के पास उस समय हड़कंप मच गया जब बटुराकछार की ओर जा रही एक तेज रफ्तार मारुति वैन ने सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी। बाइक पर सवार तीन सगे भाई चीमरा गाँव के रहने वाले थे और अपने रिश्तेदार के यहाँ से लौट रहे थे।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों भाई सड़क पर गिर पड़े।
एक युवक का हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया, हड्डी बाहर आ गई और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं।
दूसरे युवक को सिर में गंभीर चोटें लगी हैं और वह बेहोश हो गया।
तीसरे को मामूली चोटें आई हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद घायल भाई सड़क पर बेसुध पड़े रहे। बड़ा भाई बिलखते हुए अपने घायल भाइयों को गोद में लेकर मदद का इंतज़ार करता रहा। आस-पास मौजूद लोगों ने तत्काल 112 और एम्बुलेंस को सूचना दी, लेकिन वाहन मौके पर पहुंचने में लगभग 15-20 मिनट का समय लग गया। तब तक घायलों की हालत और बिगड़ती चली गई।
दूसरी दुर्घटना: रायपुर-जबलपुर हाईवे पर पिकअप ने मारी टक्कर, दो घायल
सीटी कोतवाली थाना क्षेत्र में ही सिंघनपुरी गाँव के पास नेशनल हाईवे 30 पर स्थित कोल्ड स्टोरेज के सामने एक और गंभीर हादसा हुआ।
सारंगपुर निवासी धन सिंह साहू और देवलाल साहू अपनी बाइक से कवर्धा की ओर जा रहे थे, तभी सामने से आ रही एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी।
हादसे में दोनों युवक बुरी तरह घायल हो गए और सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को निजी वाहन की सहायता से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रशासन पर उठे सवाल, व्यवस्था सुधारने की मांग
लगातार हो रहे सड़क हादसे अब आम जनता की चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि कई बार इमरजेंसी सेवाएँ समय पर नहीं पहुँच पातीं, जिससे घायलों की स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। समय रहते यदि मदद पहुँचे तो कई जानें बचाई जा सकती हैं।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि
हाईवे और मुख्य सड़कों पर स्पीड कंट्रोल के लिए स्पीड ब्रेकर और संकेतक लगाए जाएं।
सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ाई जाए।
और इमरजेंसी सेवाओं को तेज और प्रभावी बनाया जाए।







