कवर्धा:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को भाजपा द्वारा देशभर में घर-घर दीप जलाने की अपील के बीच कांग्रेस नेता एवं कवर्धा कृषि उपज मंडी के पूर्व उपाध्यक्ष चोवाराम साहू ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि देश के एक बड़े हिस्से में लोग बाढ़, महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं, ऐसे समय में दीप जलाने का आह्वान आम लोगों की पीड़ा से जुड़े सवाल खड़े करता है।


भाजपा की ओर से 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शाम के समय घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील की गई है।
चोवाराम साहू ने सवाल उठाते हुए कहा कि “भाजपा बताए, जो परिवार बाढ़ की वजह से अपना घर-बार छोड़कर राहत और सुरक्षित ठिकाने की तलाश में भटक रहे हैं, वे किसके दरवाजे पर दीया जलाएं?” उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने की चुनौती है, उनके लिए ऐसे आयोजन से पहले सरकार को उनकी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
बालाघाट की घटना का भी उठाया मुद्दा
साहू ने मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में आदिवासी बच्चों की मौत की घटना का उल्लेख करते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बालाघाट के आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों की मौतों का मामला सामने आया है और इस मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार तथा प्रशासन से जवाब मांगा है।
उन्होंने कहा कि “जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनके घरों में आज मातम है। भाजपा बताए कि उन परिवारों के लिए प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीया जलाने का क्या अर्थ रह जाता है?”
साहू ने इस घटना को लेकर पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और बच्चों के इलाज से जुड़े सवालों को गंभीर बताया। हालांकि बच्चों की मौत के कारणों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं और मामले की जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
महंगाई और रोजगार को लेकर सरकार पर निशाना
पूर्व मंडी उपाध्यक्ष ने महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आम परिवार घरेलू खर्च, खाद्य सामग्री और रोजगार जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। युवाओं के रोजगार से जुड़े आंदोलनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की समस्याओं का समाधान करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
साहू ने कहा कि “जिस परिवार का युवा रोजगार की तलाश में घर से बाहर है, जिस किसान को अपनी उपज और लागत की चिंता है, जिस गरीब परिवार को रोजमर्रा का खर्च चलाने में परेशानी हो रही है, उससे सिर्फ उत्सव मनाने की अपेक्षा करने के बजाय उसकी समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।”
“जनता की पीड़ा को प्राथमिकता दे सरकार”
चोवाराम साहू ने भाजपा के दीप जलाने के आह्वान पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को देश के गरीब, किसान, मजदूर, युवा और मध्यम वर्ग की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता तथा जवाबदेही को लेकर भी जनता के बीच सवाल उठते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि “दीया तभी सार्थक होगा, जब हर गरीब के घर में खुशहाली का उजाला हो, युवाओं को रोजगार मिले, किसानों को उनकी मेहनत का उचित लाभ मिले और जरूरतमंद परिवारों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों।”
उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि देश में मौजूद सामाजिक और आर्थिक समस्याओं के बीच सरकार इन मुद्दों पर जनता को क्या जवाब देगी। साथ ही उन्होंने कहा कि राजनीतिक आयोजनों के साथ-साथ जनसमस्याओं के समाधान को भी समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
हालांकि भाजपा की ओर से सेवा संकल्प अभियान को प्रधानमंत्री के जन्मदिन और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों से जोड़ा गया है।


























































































































