गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।:– पनिका समाज की सामाजिक एकता, अधिकारों एवं आगामी रणनीति को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक 12 सितंबर 2026, शनिवार को कोदवाही स्थित आदिवासी भवन में आयोजित की गई। बैठक में समाज के वरिष्ठजनों, कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता कर समाजहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।


बैठक के दौरान वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने समाज की वर्तमान परिस्थितियों और भविष्य की दिशा को लेकर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी **एकता, जागरूकता और संगठित प्रयास** होते हैं। इसी भावना के साथ पनिका समाज को सामाजिक एवं अधिकारों से जुड़े विषयों पर मजबूती से आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
**समाजहित के मुद्दों पर हुआ गहन मंथन**
बैठक में पनिका समाज की आगामी रणनीति, सामाजिक हित के विभिन्न मुद्दों तथा समाज के हक और अधिकारों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। विशेष रूप से **आदिवासी विषयों** को लेकर भी उपस्थित सदस्यों ने गंभीरता से मंथन किया। वक्ताओं ने कहा कि समाज लंबे समय से अपने अधिकारों और न्यायपूर्ण मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाता आ रहा है।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि समाज के सभी वर्गों को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होकर अपने सामाजिक एवं संवैधानिक अधिकारों के लिए प्रयास करना चाहिए। उपस्थित सदस्यों ने सामाजिक एकता को मजबूत करने तथा आने वाली पीढ़ी को अपने अधिकारों और सामाजिक इतिहास के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता बताई।
*8 दिसंबर के रायपुर प्रवास को लेकर भी चर्चा**
बैठक में आगामी **8 दिसंबर को रायपुर प्रवास** को लेकर भी चर्चा की गई। इस दौरान समाज की सहभागिता, तैयारियों एवं आगामी कार्यक्रमों को लेकर आवश्यक रणनीति बनाने पर विचार किया गया। समाज के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर आगामी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की बात कही।
*एकता ही समाज की सबसे बड़ी शक्ति**
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पनिका समाज की निरंतर सक्रियता यह दर्शाती है कि समाज अपने हक और अधिकारों को लेकर जागरूक हो चुका है। सामाजिक एकता और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष के माध्यम से अपनी आवाज को मजबूती से शासन-प्रशासन तक पहुंचाया जा सकता है।
कोदवाही में आयोजित यह बैठक केवल विचार-विमर्श तक सीमित न रहकर **समाज को संगठित करने, नई दिशा देने और सामाजिक अधिकारों की लड़ाई को मजबूती प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम** के रूप में देखी जा रही है। बैठक में उपस्थित समाजजनों ने आपसी एकजुटता बनाए रखते हुए समाजहित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।

























































































































