रायपुर:- छत्तीसगढ़ श्रीकृष्ण रामलीला मंडली संघ की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार, 7 सितंबर 2026 को रायपुर स्थित त्रिदेव मंदिर, भारत माता चौक, शांतिनगर में आयोजित की गई। बैठक में प्रदेशभर से संघ से जुड़े पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता की और संगठन की आगामी गतिविधियों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।


बैठक के दौरान प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सर्वसम्मति से महंत सी. सालिक राम साहू इंदौरी, निवासी बघामुड़ा, जिला कबीरधाम, के नाम का प्रस्ताव रखा गया। उपस्थित सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने उनके नेतृत्व एवं संगठन के प्रति समर्पण को देखते हुए प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके बाद महंत सी. सालिक राम साहू इंदौरी को पुनः निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित किया गया।
महंत साहू के पुनर्निर्वाचन पर संघ के सदस्यों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। सदस्यों ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की श्रीकृष्ण रामलीला मंडलियों को और अधिक संगठित एवं मजबूत दिशा मिलेगी तथा प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं लोकनाट्य परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रभावी कार्य किया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पुनः निर्विरोध चयन के पश्चात महंत सी. सालिक राम साहू इंदौरी ने संगठन के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संघ ने जिस विश्वास के साथ उन्हें पुनः जिम्मेदारी सौंपी है, उस विश्वास पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण रामलीला एवं प्रदेश की समृद्ध धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए सभी मंडलियों को साथ लेकर कार्य किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दी बधाई
महंत सी. सालिक राम साहू इंदौरी के पुनः निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने अपने निवास पर महंत साहू का स्वागत करते हुए उनके पुनर्निर्वाचन पर प्रसन्नता व्यक्त की और संगठन के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
इस अवसर पर संगठन से जुड़े पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कहा कि महंत सी. सालिक राम साहू इंदौरी का पुनः निर्विरोध चयन संगठन के प्रति उनके समर्पण, सक्रियता और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है। उनके नेतृत्व में संघ द्वारा प्रदेश की विभिन्न रामलीला एवं श्रीकृष्ण से जुड़ी सांस्कृतिक मंडलियों को एकजुट कर धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को नई गति देने की उम्मीद जताई गई।
बैठक का समापन संगठन की एकता, सामाजिक समरसता तथा छत्तीसगढ़ की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के संकल्प के साथ हुआ।
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