कवर्धा (कबीरधाम)::-कबीरधाम जिले के प्रसिद्ध भोरमदेव अभयारण्य में प्रस्तावित जंगल सफारी के शुभारंभ से पहले ही सियासी विवाद गहराता जा रहा है। जहां एक ओर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर प्रशासन और पर्यटन विभाग उत्साहित हैं, वहीं दूसरी ओर एक बड़ी प्रशासनिक चूक ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।

दरअसल, जंगल सफारी के उद्घाटन हेतु छपे आमंत्रण पत्र में पंडरिया विधायक भावना बोहरा का नाम शामिल नहीं किया गया, जिससे नाराजगी और विवाद दोनों पैदा हो गए हैं। आमंत्रण पत्र में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप तथा सांसद संतोष पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के नाम प्रमुखता से दर्ज हैं, लेकिन उसी जिले की विधायक का नाम गायब होना चर्चा का विषय बन गया है।
स्थानीय लोगों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक साधारण त्रुटि नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधि के सम्मान और पंडरिया विधानसभा क्षेत्र की उपेक्षा का मामला है। क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर असंतोष बढ़ता दिख रहा है।
**🗣️ राजनीतिक तूल पकड़ता मामला**
राजनीतिक गलियारों में यह मामला तेजी से तूल पकड़ रहा है। खासकर ऐसे समय में, जब महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक भागीदारी को लेकर लगातार बयानबाजी हो रही है, एक महिला विधायक की अनदेखी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। अब यह महज लापरवाही है या जानबूझकर किया गया कदम—यह जांच का विषय बन चुका है।
**🌿 जंगल सफारी से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा**
विवाद के बीच, प्रकृति प्रेमियों के लिए एक सकारात्मक खबर यह है कि भोरमदेव अभयारण्य में जल्द ही जंगल सफारी शुरू होने जा रही है। लगभग 352 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस अभयारण्य में 35 किलोमीटर लंबा सफारी मार्ग तैयार किया गया है।
सफारी का मुख्य प्रवेश द्वार भोरमदेव मंदिर के समीप करियाआमा क्षेत्र में बनाया गया है। यहां से पर्यटक घने जंगलों, पहाड़ों, झरनों और प्राकृतिक जलधाराओं के बीच रोमांचक सफर का अनुभव कर सकेंगे।
**🚙 पर्यटकों के लिए खास व्यवस्था**
पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था शुरू की गई है। प्रारंभिक चरण में 3 सफारी वाहन उपलब्ध रहेंगे, जिनमें प्रत्येक में 6 पर्यटक गाइड और ड्राइवर के साथ यात्रा कर सकेंगे।
इस सफारी की सबसे खास बात यह है कि पूरे मार्ग में एक संकरी नदी को लगभग 22 बार पार करना होगा, जो इस अनुभव को और भी रोमांचक बनाता है।
**🐅 वन्यजीवों से भरपूर अभयारण्य**
भोरमदेव अभयारण्य जैव विविधता के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां टाइगर, तेंदुआ, हिरण, भालू, नीलगाय और सांभर जैसे वन्यजीव पाए जाते हैं। हाल ही में टाइगर और तेंदुए की गतिविधियों के कैमरे में कैद होने से इस क्षेत्र का आकर्षण और बढ़ गया है।
**❗ अब सबकी नजर प्रशासन पर**
शुभारंभ से पहले उठे इस विवाद ने प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले पर क्या स्पष्टीकरण देता है और क्या इस चूक के लिए किसी प्रकार की जवाबदेही तय की जाती है या नहीं।







