कवर्धा :- आउटसोर्सिंग कंप्यूटर ऑपरेटरों द्वारा जिलाधीश महोदय जी को मिलकर ज्ञापन सौंप कर जायज मांग रखी।

प्रदेश में खरीफ वर्ष 2025–26 के दौरान धान उपार्जन केंद्रों में काम को सुचारू चलाने के लिए 108 उपार्जन केंद्रों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को कंप्यूटर/डेटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में ये अस्थाई मौखिक बोलकर 3 साल तक काम में रखेंगे या 6 महीने का वेतन देंगे करके नियुक्त किया गया।युवाओं ने मेहनत से काम शुरू किया,सिस्टम संभाला,किसानों की एंट्री की धान खरीद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई,जैसे ही हड़ताल पर गए प्रबंधक और ऑपरेटर लौटे फिर केवल 15 दिन काम देने के बाद अचानक बाहर कर दिया गया!कहा का न्याय है,ये तो शारीरिक और मानसिक शोषण है।

युवा कांग्रेस विधानसभा कवर्धा अध्यक्ष वाल्मिकी वर्मा ने बताया कि जैसे ही प्रबंधक,कर्मचारी हड़ताल पर गए,वैसे ही शासन ने चिट्ठी जारी कर फॉर्म भरवाया और काम में लगाया।हड़ताली प्रबंधक एवं कंप्यूटर ऑपरेटर लौटे सरकार ने एक झटके में आदेश जारी कर नव-नियुक्त ऑपरेटरों की नियुक्ति निरस्त कर दी।न वेतन दिया,न सम्मान दिया,न कोई सुनवाई !यह व्यवहार—न सिर्फ अमानवीय है बल्कि युवाओं की मेहनत और उनके भविष्य का अपमान भी है।भाजपा सरकार में यह अन्याय आम बात बन गया है!युवा बेरोजगार काम कराया गया,वेतन रोका गया और आदेश में एक लाइन में सबकुछ खत्म! कवर्धा विधायक विजय शर्मा जी क्या यही युवा नीति है?क्या यही पारदर्शिता है?क्या युवाओं की मेहनत की कोई कीमत नहीं?शासन प्रशासन से मांग इन नव-नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों का वेतन तुरंत दिया जाए!उनके सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा की जाए!निरस्त आदेश वापस लिया जाए और न्यायपूर्ण व्यवस्था बनाई जाए!न्याय नहीं मिलने की स्थिति में युवाओ की आवाज़—न्याय की मांग,युवाओं का स्पष्ट संदेश — हम चुप नहीं बैठें उक्त कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विक्की लहरें,मन्नू साहू,सौरभराजपूत,आशीषयादव,महेंद्र,रमेंद्र,टेकराम,मुकेश,प्रहलाद,दीपक,राकेश,धनंजय,रूपेश,टीकाराम,भागवत,प्रमोद,देवेंद्र,मनेंद्रकौशल,देवेंद्र,प्रमोद,नरेश,दीपक,राहुल सहित अलग अलग आउटसोर्सिंग कंप्यूटर ऑपरेटर ज्ञापन सौंपने मौजूद रहें।






