रिपोर्टर मुकेश झा (बलौदा बाजार)भवानीपुर:- क्षेत्र में लगातार बढ़ रही आवारा मवेशियों की संख्या ने लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। शाम होते ही क्षेत्र की प्रमुख सड़कों और चौराहों पर मवेशियों का जमावड़ा लगने से आवागमन बाधित हो रहा है। खपरी, तमोरी, भरूवाडीह, गिधपुरी, जुनवानी, तेरासी, वटगन, साहड़ा जैसे गांवों में स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है।

राहगीरों को हो रही भारी परेशानी
गांववासियों के अनुसार, शाम के समय मवेशियों का रोड पर बैठ जाना आम बात हो गई है। इससे बलौदाबाजार से महासमुंद मार्ग पर चलने वाली बड़ी गाड़ियों को भी कठिनाइयों** का सामना करना पड़ता है। अक्सर वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगानी पड़ती है जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। कई बार दुर्घटनाएं हो भी चुकी हैं।
किसानों की फसल को भारी नुकसान
मात्र सड़कों पर ही नहीं, ये आवारा मवेशी खेतों में घुसकर धान की फसलों को भी चट कर रहे हैं। इससे किसान बेहद परेशान और चिंतित हैं। अधिकांश किसान बैंक या साहूकारों से कर्ज लेकर खेती कर रहे हैं। फसल बर्बाद होने से कर्ज चुकाने की स्थिति से बाहर हो सकते हैं
ग्रामीणों में बढ़ रहा आपसी विवाद
स्थानीय लोगों ने बताया कि इन मवेशियों को रात के अंधेरे में अज्ञात लोग ट्रकों से लाकर छोड़ रहे हैं। यह मवेशी गांवों में घुसकर एक गांव से दूसरे गांव तक घूमते रहते हैं जिससेगांवों के बीच आपसी विवाद की स्थिति भी बन रही है। एक गांव के लोग दूसरे गांव पर आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने मवेशियों को छोड़ दिया है।
प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं
अब तक शासन-प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। न तो मवेशियों को रखने की कोई सुरक्षित जगह बनाई गई है, और न ही उनके प्रबंधन की कोई योजना है।
किसानों और आम नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल स्थायी समाधान की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो किसानों का भविष्य अंधकारमय हो सकता है और क्षेत्र में सामाजिक अशांति फैल सकती है।







