खैरागढ़ (छत्तीसगढ़):-खैरागढ़ के अमलीपारा क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है जहां 12वीं कक्षा की एक छात्रा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के वक्त घर में केवल वृद्ध दादा-दादी मौजूद थे। परिजनों के मुताबिक मृतिका पढ़ाई में होनहार और स्वभाव से बेहद शांत थी। वह दो भाइयों की इकलौती बहन थी।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। अब तक पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस का कहना है कि वे हर एंगल से मामले की जांच कर रहे हैं ताकि इस आत्मघाती कदम के पीछे की असली वजह सामने आ सके।
घटना के बाद से पूरे परिवार और मोहल्ले में शोक की लहर है। पड़ोसियों और परिचितों के अनुसार, छात्रा कभी किसी मानसिक तनाव में नजर नहीं आई थी। इसलिए यह मामला और भी रहस्यमय बन गया है।
पुलिस का बयान:
“हमें मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिवार और आस-पास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही अधिक स्पष्टता मिलेगी।”
समाज के लिए संदेश:
इस तरह की घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि आज के युवाओं में भावनात्मक दबाव किस हद तक पहुंच चुका है। परिवार, स्कूल और समाज को मिलकर एक ऐसा माहौल तैयार करना होगा जिसमें बच्चों और किशोरों को खुलकर अपने मन की बात कहने का मौका मिले। मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।







