कवर्धा:- शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध उन्नयन एवं संस्थागत सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में आचार्य पंथ श्री ग्रंथ मुनि नाम साहेब शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कवर्धा ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। महाविद्यालय ने भिलाई महिला महाविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को सुदृढ़ करने की पहल की है।

यह समझौता ज्ञापन आज महाविद्यालय परिसर में आयोजित गरिमामयी हस्ताक्षर समारोह में संपन्न हुआ। MoU पर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कवर्धा की प्राचार्य डॉ. ऋचा मिश्रा तथा भिलाई महिला महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती प्रतिभा छाया क्लॉडियस ने औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के आईक्यूएसी प्रभारी—डॉ. अनिल कुमार शर्मा (शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कवर्धा) एवं डॉ. भावना पांडेय (भिलाई महिला महाविद्यालय)—की विशेष उपस्थिति रही।
समारोह में वरिष्ठ प्राध्यापकगण डॉ. दीप्ति टिकरिया, डॉ. आशा रानी दास एवं डॉ. भारती वर्मा की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। सभी शिक्षाविदों ने इस समझौते को दोनों संस्थानों के लिए दूरदर्शी एवं उपयोगी कदम बताया और इसके माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की संभावना व्यक्त की।
इस MoU का मुख्य उद्देश्य दोनों महाविद्यालयों के बीच शैक्षणिक सहयोग को प्रोत्साहित करना है। इसके अंतर्गत शिक्षक एवं छात्र आदान-प्रदान कार्यक्रम, संयुक्त सेमिनार एवं कार्यशालाओं का आयोजन, शोध गतिविधियों में सहयोग तथा अन्य अकादमिक एवं कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, नवाचार एवं शोध के नए अवसर प्राप्त होंगे, साथ ही शिक्षकों के लिए भी ज्ञान एवं अनुभव साझा करने का मंच उपलब्ध होगा।
प्राचार्य डॉ. ऋचा मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह समझौता दोनों संस्थानों की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध संस्कृति एवं कौशल विकास पहलों को मजबूत करेगा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगा। वहीं भिलाई महिला महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती प्रतिभा छाया क्लॉडियस ने इसे उच्च शिक्षा में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक सार्थक कदम बताया।
समारोह का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि यह साझेदारी उच्च शिक्षा, शोध एवं छात्र संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देगी और आने वाले समय में दोनों महाविद्यालयों के लिए नई उपलब्धियों के द्वार खोलेगी।







